26
जनवरी जिस को नियम कानून वाले दिन को ही उड़ी निमम कानून की धज़िया
26 जनवरी जिस को के भारत देश में
पवित्र दिन के तोर पर मनाया जाता है, उस दिन चंडीगढ़ यू. टी. में चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन के ऑफिसर्स और शिक्षा विभाग नियम और कानून को किया तार-तार। वैसे तो चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन के ऑफिसर्स और शिक्षा विभाग नियमो की धजिया उड़ाने का काम नया नहीं कर रहा है। पर ये तो बहुत ही हद हो गई के 26 जनवरी जिस को के भारत देश में
पवित्रता के रूप में मानते है उस दिन उस शक्श को सन्मानित किया गया है । हम गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल, सेक्टर-26,
के हेड-मास्टर शेखर चन्दर की बात कर रहे है । इस इंसान ने वी. वी. आई. पी. के साथ मिल कर पंजाब सिविल सर्विस रूल्स की इज़त को तार-तार किया है और वो भी 30 सालो से। शेखर चन्दर का रिकॉर्ड इस तरा है।
इस ने पंजाब में
17-06-1982 को टी. जी. टी. मेडिकल ज्वाइन किया था और बिना पांच साल पुरे किए
1986 में चंडीगढ़ यू. टी. कर शिक्षा विभाग में डेपुटेशन पर आ गया। शिक्षा विभाग के करप्ट ऑफिसर्स ने शेखर चन्दर को सर्विस नियम तोड़ने पर खुश हो कर 05 सितंबर,
2000 को डॉक्टर राधा कृष्णन जी
का दिल दुखते हुए यही पर स्टेट अवार्ड भी दे दिया। जब के पंजाब से रूल तोड़ कर आए टीचर शेखर चन्दर को अवार्ड देना बनता ही नहीं था। चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन के ऑफिसर्स और शिक्षा विभाग के ऑफिसर्स का तांडव यही नहीं रुका इन्हो ने शेखर चन्दर को
31-11-2012 को यही पर प्रमोट करके हेड-मास्टर भी बना दिया। यह नियम तोड़ने वाला हेड-मास्टर
31-10-2012 को सेवा निवृत हो गया।
पर इस का नियम तोड़ने का दम यही नहीं खत्म नहीं हुआ और इस ने चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन के ऑफिसर्स और शिक्षा विभाग के ऑफिसर्स की मिली भुगत से दो साल की एक्सटेंशन भी यही ली।
हद तो तब हो गई के जब स्टेट अवार्ड की एक्सटेंशन
चंडीगढ़ यू. टी. में काम कर रहे टीचर को नहीं मिलती तो इस नियम तोड़ हेड-मास्टर ने पंजाब में किसी पोलिटिकल लीडर की शिफारिश लड़ा कर स्टेट अवार्ड की एक्सटेंशन लेकर अभी तक चंडीगढ़ यू. टी. के सरकारी मॉडल हाई स्कूल, सेक्टर-26 में बैठा है। इस नियम तोडू हेड-मास्टर को 26 जनवरी वाले पवित्र दिन एडवाइजर टू एडमिनिस्ट्रेशन ने सन्मानित किया । यू. टी. कैडर एजुकेशनल एंप्लॉईस यूनियन चंडीगढ़ के एडवाइजर को निवदेन करती जिन-जिन ऑफिसर्स ने इस नियम तोडू हेड-मास्टर की नियम तोड़ने में मदद की है उन को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। यू. टी. कैडर एजुकेशनल एंप्लॉईस यूनियन मरण व्रत पर बैठने पर भी विचार कर रही है।
स्वर्ण सिंह कम्बोज,
आर. टी. आई. एक्टिविस्ट और प्रधान,
यू. टी. कैडर एजुकेशनल एम्प्लाइज यूनियन,
चंडीगढ़ यू. टी.
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