Khamis, 3 Mac 2016

क्या कोई इंसान किसी के  16 लाख और भारी ज्वेलरी खोई हुई वापिस कर सकता है ?
दुनिया में अभी भी ईमानदार लोगो की कमी नहीं, बस ज़रूरत है हमे अच्छे मन से ढूढ़ने की। एहि मिसाल बनाई है, सरकारी मकान 2428, सेक्टर-20-सी, में रहने वाले वी. के. शर्मा के सपुत्र सुमित शर्मा ने। कल सुमित शर्मा जब अपने मोहले में रात को सैर कर रहा था तो उस को सड़क पर 500 और 1000 के कुछ नोट मिले, सुमित ने वो नोट उठा लिए और अपने माता-पिता को दिए और जब उन्हों ने इन नोटों की गिनती की तो टोटल 9,040/- रुपए बने।  अब एक समसिया यह खड़ी हो गई के यह पैसे कैसे पता करे के किस के है ? वी. के. शर्मा जी ने यू. टी. कैडर एजुकेशनल एम्प्लाइज यूनियन के प्रधान होने के नाते मेरे से कांटेक्ट किया और जब हम ने किसी ना  किसी तरीके से कुछ लोगो से पूछा जो के रात को अपने घर के बहार टोर्च लेकर कुछ ढूँढ़ते हुए देखा और हम ने उन को पूछा के क्या हुआ है तो उन्हों ने बताया के " हमारे घर में जो दूध वाला  दूध डालने आता है उस के कुछ पैसे गिर गए है। मेने और वी. के. शर्मा ने कहा के उस के उस दूध वाले को हम से मिलाना हम उस को पैसे ढूढ़ने का तरीका बता देंगे।  आज जब दूध वाला मंदीप सिंह सपुत्र राजिंदर सिंह, गाव धनास हम से मिला, तो हम ने उस से पेसो के बारे में पूछा, और जब यह पक्का हो गया के यह पैसे मंदीप के ही है तो वो 9,040/- रूपए उस को वापिस लोटा दिए और यह देख कर मंदीप हक्का-बक्का रह गया और उस की आँखों में आंसू आ गाए और उस ने कहा के दुनिया में क्या अभी भी ईमानदार लोग है।
वी. के. शर्मा से बात करते यह पता चला के एक बार उन को सड़क पर एक बैग मिला और जब उन्हों ने उस बैग को खोला तो उस में नोट और काफी साडी ज्वैलरी थी।  उन्हों ने जब अपने घर आकर बैग खोला तो उस में से 16 लाख रुपए और काफी कीमती ज्वैलरी थी। बैग में पड़े मोबाइल से उन्हों ने उन से कांटेक्ट किया तो वो ज्वेलरी और 16 लाख सेक्टर-7, बाबा बालक नाथ के पुजारी की बेटी के निकले  और उन्हों ने  वी. के. शर्मा के घर आकर अपनी ज्वेलरी और 16 लाख ले लिए और वी. के. शर्मा का आज तक शुक्रियादा करते है।  अगर हम भी वी. के. शर्मा और इन के सपुत्र सुमित शर्मा जैसे सोचे तो भारत देश  की तक़दीर बदल सकती है।  यू. टी. कैडर एजुकेशनल एम्प्लाइज यूनियन इन दोनों पिता और पुत्र को सलूट करती है।  
स्वर्ण सिंह कम्बोज,
प्रधान,
यू. टी. कैडर एजुकेशनल एम्प्लाइज यूनियन,
चंडीगढ़ यू. टी.