यू.
टी. कैडर
एजुकेशनल एम्प्लाइज
यूनियन के
आज बैठक
हुई जिस
में शिक्षा
विभाग और
चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन
की लाहपरवाही
का सख्त
नोटिस लिया
गया।
जैसा के आप सभी को याद होगा के यूटी सी. ई. ई. यु. ने आज से चार साल पहले पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से डेपुटेशन पर आए टीचर्स का मुदा उठाया था और अभी तक जारी है और जब तक यह यहाँ से जाते नहीं यूनियन का संघर्ष जारी रहेगा। परन्तु एक चीज़ का हमें बेहद अफ़सोस है के भारतीय जनता पार्टी ने अपना वादा अभी तक पूरा नहीं किया है। लोक सभा चुनाव से पहले बी. जे. पी. ने साफ़ किया था के जो टीचर्स डेपुटेशन पर आ कर ओवर स्टे हो चुके है उन सभी को वापिस अपनी पैरेंट स्टेट भेजा जाएगा, बड़े दुःख के साथ कहना पड़ रहा है के वापिस तो कोई गया नहीं बल्की और डेपुटेशन पर टीचर्स बोलाने की तयारी शिक्षा विभाग कर चूका है। क्या
चंडीगढ़ यू.
टी. के
ऑफिसर्स सेंटर
से भी
बड़े हो
गए है
बल्की हम
तो यह
कहेंगे के
देश के
प्रधान मंत्री
मोदी जी
और शिक्षा
मंत्री स्मृति
ईरानी जी
से भी
बड़े हो
गए है।
और हमारे यहाँ का एम. पी. भी कुछ नहीं कर रहा है।
यूनियन याद दिलाना चाहती है के डेपुटेशन पर आ कर ओवर स्टे हो चुके टीचर्स को वापिस ना भेजा गया तो भारतीय जनता पार्टी का आने वाले चुनावो में चंडीगढ़ यू. टी. पंजाब और हरियाणा में यूनियन अंदर ही अंदर ऐसा प्रचार करेगी के दिल्ही से भी जियादा बुरा हाल होगा। क्योकि जब एम्प्लाइज अपनी ताक़त दिखाने पर आ जाए तो उस के आगे सभी को घुटने टेकने पड़ते है।
क्योकि
देश के
प्रधान मंत्री
मोदी जी
का चुनाव
के पहले
और बाद
में एक
ही सपना
था के
भारत देश
के भ्रस्टाचार
को खतम
करना।
पर हैरानी वाले बात तो यह है के चंडीगढ़ यू. टी. के शिक्षा विभाग में चंडीगढ़ प्रशासन की नाक के निचे डेपुटेशन का गोरख धंदा ज़ोरो से चल रहा है।
यू.
टी. कैडर एजुकेशनल एम्प्लाइज यूनियन सिर्फ दो ही मांगे करती है के एक तो पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से डेपुटेशन पर आए टीचर्स
जो ओवर स्टे हो चुके है और जिन्हो ने चंडीगढ़ यू. टी. में ही प्रमोशन ली है उन को तुरंत यहाँ से वापिस उन की पैरेंट स्टेट भेजा जाए।
दूसरा
जो टीचर्स 15-17 सालो से
कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे है उन को भी जल्द पक्का किया जाए।
हम
फिर भी चंडीगढ़ यू. टी. की सभी पोलिटिकल पार्टीज को निवेदन करती है के यूनियन का पहला काम डेपुटेशन पर आ कर ओवर स्टे हो चुके टीचर्स को तुरंत यहाँ से वापिस भेजा जाए। यह पत्र यूनियन देश के प्रधान मंत्री के इलावा और बड़े लीडर्स को भी लिखेगी।
स्वर्ण सिंह कम्बोज,
आर. टी. आई. एक्टिविस्ट और प्रधान,
यू. टी. कैडर एजुकेशनल एम्प्लाइज यूनियन,
चंडीगढ़ यू. टी.
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