यू. टी. कैडर एजुकेशनल एम्प्लाइज यूनियन,चंडीगढ़ यू. टी. चंडीगढ़ प्रशासन के उस फैसले की कड़ी निंदा करती है जिस में एडवाइजर विजय देव की सरकारी कोठी पर एक करोड़ साठ लाख की रेनोवेशन की जा रही है। क्या चंडीगढ़ यू. टी. के लोगो के टैक्स का पैसा इस तरहे से लुटाया जाएगा। यह तो सिर्फ एडवाइजर की कोठी के रेनोवेशन का ही पता चला है बाकी और ऑफिसर्स के कोठियों की रेनोवेशन पर कितना पैसा खर्च होआ है, इस की जानकारी भी यू. टी. कैडर एजुकेशनल एम्प्लाइज यूनियन, जल्द जुटाएगी। कही ऐसा तो नहो के एडवाइजर जानभूज़ कर तो ज़र्मनी तो नहीं चले गए के जब तक वापिस आउगा तो मसला दब जाएगा। अगर ऐसा है तो यूनियन ऐसा करने नहीं देगी। अगर सच में विजय देव जी को नहीं पता तो जर्मनी से आते ही उन ऑफिसर्स पर कड़ी से कड़ी करवाई करे। जब भी विजय देव ज़र्मनी से वापिस आते है तो यू. टी. कैडर एजुकेशनल एम्प्लाइज यूनियन, चंडीगढ़ यू. टी. उन को तुरंत मिलेगी और इस के बारे में ज़यादा जानकारी देगी। क्योकि एक तरफ तो एडवाइजर अपनी छबी चंडीगढ़ यू. टी. में घूम-घूम कर ऐसी बना रहे है के उन से ईमानदार कोई नहीं और दूसरी तरफ अपनी सरकारी कोठी में एक करोड़ साठ लाख की रेनोवेशन करवा रहे है। यह मामला काफी संगीन है इस पर कड़ी करवाई तो होनी ही चाहिए।
स्वर्ण सिंह कम्बोज, आर. टी. आई. एक्टिविस्ट और प्रधान, यू. टी. कैडर एजुकेशनल एम्प्लाइज यूनियन, चंडीगढ़ यू. टी.
यू. टी. कैडर एजुकेशनल एम्प्लाइज यूनियन,चंडीगढ़ यू. टी. चंडीगढ़ प्रशासन के उस फैसले की कड़ी निंदा करती है जिस में एडवाइजर विजय देव की सरकारी कोठी पर एक करोड़ साठ लाख की रेनोवेशन की जा रही है। क्या चंडीगढ़ यू. टी. के लोगो के टैक्स का पैसा इस तरहे से लुटाया जाएगा। यह तो सिर्फ एडवाइजर की कोठी के रेनोवेशन का ही पता चला है बाकी और ऑफिसर्स के कोठियों की रेनोवेशन पर कितना पैसा खर्च होआ है, इस की जानकारी भी यू. टी. कैडर एजुकेशनल एम्प्लाइज यूनियन, जल्द जुटाएगी। कही ऐसा तो नहो के एडवाइजर जानभूज़ कर तो ज़र्मनी तो नहीं चले गए के जब तक वापिस आउगा तो मसला दब जाएगा। अगर ऐसा है तो यूनियन ऐसा करने नहीं देगी। अगर सच में विजय देव जी को नहीं पता तो जर्मनी से आते ही उन ऑफिसर्स पर कड़ी से कड़ी करवाई करे। जब भी विजय देव ज़र्मनी से वापिस आते है तो यू. टी. कैडर एजुकेशनल एम्प्लाइज यूनियन,
BalasPadamचंडीगढ़ यू. टी. उन को तुरंत मिलेगी और इस के बारे में ज़यादा जानकारी देगी। क्योकि एक तरफ तो एडवाइजर अपनी छबी चंडीगढ़ यू. टी. में घूम-घूम कर ऐसी बना रहे है के उन से ईमानदार कोई नहीं और दूसरी तरफ अपनी सरकारी कोठी में एक करोड़ साठ लाख की रेनोवेशन करवा रहे है। यह मामला काफी संगीन है इस पर कड़ी करवाई तो होनी ही चाहिए।
स्वर्ण सिंह कम्बोज,
आर. टी. आई. एक्टिविस्ट और प्रधान,
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चंडीगढ़ यू. टी.